नये सप्ताह की शुरुआत भगवान शिव के प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) के साथ हो रही है। सोमवार को पड़ने वाले प्रदोष व्रत को सोम प्रदोष के नाम से जाना जाता है। इसी के साथ इस सप्ताह मासिक शिवरात्रि, वैशाख अमावस्या, अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya), परशुराम जयन्ती (Parshuram Jayanti), रोहिणी व्रत (Rohini Vrat) भी रहेगा। जानिए इन सभी प्रमुख व्रत और त्योहारों की डेट्स…
प्रदोष व्रत, 20 अप्रैल दिन सोमवार: ये व्रत हर माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। इस दिन प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा होती है। सोमवार को पड़ने वाले इस व्रत को सोम प्रदोष के नाम से जाना जाता है।
मासिक शिवरात्रि, 21 अप्रैल दिन मंगलवार: शिवरात्रि शिव और शक्ति के अभिसरण का विशेष पर्व है। जो हर माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। जिसे मासिक शिवरात्रि के नाम से जाना जाता है।
वैशाख अमावस्या, 23 अप्रैल दिन बृहस्पतिवार: अमावस्या के दिन चंद्रमा नहीं निकलता। हिंदू कैलेंडर के अनुसार नये चंद्रमा के दिन को अमावस्या कहते हैं। पूर्वजों की आत्मा की तृप्ति के लिए इस दिन श्राद्ध की रस्मों को किया जाता है।
मासिक कार्तिगाई, 25 अप्रैल दिन शनिवार: ये पर्व मुख्य रूप से तमिल हिन्दुओं द्वारा मनाया जाता है। त्योहार के दिन शाम के समय घरों और गलियों में तेल के दीप एक पंक्ति में जलायें जाते हैं। कार्तिगाई दीपम और कार्तिकाई दीपम का उपयोग आपस में अदल-बदल कर किया जाता है।
परशुराम जयन्ती, 25 अप्रैल दिन शनिवार: माना जाता है वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया के दिन प्रदोष काल में भगवान परशुराम का जन्म हुआ था। अत: जिस दिन ये तृतीया तिथि शाम के समय व्यापत होती है उसी दिन इनकी जयन्ती मनाई जाती है।
अक्षय तृतीया, 26 अप्रैल दिन रविवार: वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया के नाम से जाना जाता है। ये तिथि बेहद ही शुभ मानी गई है इसलिए इस दिन बिना मुहूर्त देखे कोई भी शुभ कार्य संपन्न किया जा सकता है।
रोहिणी व्रत, 26 अप्रैल दिन रविवार: ये व्रत जैन समुदाय के लोगों के लिए बेहद ही खास होता है। ये व्रत मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी उम्र के लिए रखा जाता है।
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